Monday, March 1, 2010

धोरां री धरती नै पंछी, देख-देख चकरायौधूळ उड़ै अर लूंवा बाजै, आ धरती अणजाणीवन-विरछां री बात न पूछौ, ना पिवण नै पाणीदूर नीम री डाळी माथै, मोर निजर में आयौ,हंसौ उड़कर गयौ मोर नै, मन रौ भेद बतायौअरे बावळा, अठै पड़्यौ क्यूं, बिरथा जलम गमावैमानसरोवर चाल’र भाया, क्यूं ना सुख सरसावैमोती-वरणौ निरमळ पाणी, अर विरछां री छायारोम-रोम नै तिरपत करसी, वनदेवी री मायासाची थारी बात सुरंगी, सुण सरसावै कायाजलम-भोम सगळा नै सुगणी, प्यारी लागै भायामरुधर रौ रस ना जाणै थूं, मानसरोवर वासीऊंडै पाणी रौ गुण न्यारौ, भोळा वचन-विलासीदूजी डाळी बैठ्यौ विखधर, निजर हंस रै आयौसांप-सांप करतौ उड़ चाल्यौ, अंबर में घबरायौमोर उतावळ करी सांप पर, करड़ी चूंच चलाईविखधर री सगळी काया नै, टुकड़ा कर गटकाईअब हंस नै ठाह पड़ी आ, मोरां सूं मतवाळीमानसरोवर सूं हद ऊंची, धरती धोरां वाळी !

Monday, February 22, 2010

Jab is dharti per Rajpoot aaya........

Amit Naruka:

!! जब इस धरती पर राजपूत आया !!


रात चौंधाई,दिन घबराया
जब इस धरती पर राजपूत आया !!

धरती भी डोली,आई सूरज पर भी छाया
जब इस धरती पर राजपूत आया !!

पहाडो को झुकाया,मौत को भी तड़पाया
जब इस धरती पर राजपूत आया !!

शौर्य को जगाया
शौर्य को लड़ाया
शौर्य को हराया
जब इस धरती पर राजपूत आया !!

दुश्मन घबराया
दुश्मन को हराया
दुश्मन के किले की नींव को हिलाया
जब इस धरती पर राजपूत आया !!

समाज को प्रकाश दिखाया
समाज को बचाया
समाज को न्याय दिलाया
जब इस धरती पर राजपूत आया !!

धरती पर एक समानता को फैलाया
आर्यव्रत की शान को बढाया
तलवारों के स्तंभों से प्यार का पुल बनाया
जब इस धरती पर राजपूत आया !!

औरत को समाज में मान दिलाया
कमजोर भी मजबूत हालत में आया
जब इस धरती पर राजपूत आया !!

अग्नि को लोगो ने ठंडा पाया
समंदर को भी लोगो ने जमता पाया
जब इस धरती पर राजपूत आया

दुश्मन की आँखों में आया डर का साया
शेर भी उस दहाड़ से घबराया
जब इस धरती पर राजपूत आया !!

इनके क्रोध को न जगाना
इनके धैर्य को न डगाना
क्योंकि तब- तब प्रिलय आई है

जब- जब इस धरती पर राजपूत आया ...